Tripura Ki Rajdhani Kya Hai – त्रिपुरा की राजधानी कहां है ?

Tripura Ki Rajdhani –आज हम इस पोस्ट में आपको बताने वाले हैं कि त्रिपुरा की राजधानी(Tripura Ki Rajdhani) क्या है और साथ ही साथ यह जानेंगे की त्रिपुरा और त्रिपुरा की राजधानी मैं क्या क्या प्रसिद्ध है? और त्रिपुरा की राजधानी कहा है ? (Tripura Ki Rajdhani Kaha Hai) यदि आप हमारा यह पोस्ट पूरा पढ़ते है तब आपको Tripura के बारे में सभी जानकारिया अच्छे से प्राप्त हो जाएँगी इसलिए आप हमारे इस पोस्ट को आखिर तक पढ़े।

त्रिपुरा और त्रिपुरा की राजधानी (Capital Of Tripura) के बारे में हम आपको पूरा विस्तार से बताएंगे ,जानने के लिए इस पोस्ट को पूरा ध्यान से पढ़ें इसलिए आज हम आपके लिए यह पोस्ट लेकर आए हैं ताकि आपको त्रिपुरा की राजधानी की सभी चीजों के बारे में बता पाए। तो चलिए बिना देर किए हुए इस पोस्ट को शुरू करते हैं।

त्रिपुरा की राजधानी कहा है ? (Tripura Ki Rajdhani Kaha Hai)

tripura ki rajjdhani kya hai

त्रिपुरा की राजधानी ’अगरतला’ है। जैसा की आपको हमने बताया भारत के उत्तर पूर्वी सीमा पर स्थित त्रिपुरा राज्य की राजधानी अगरतला है त्रिपुरा भारत का तीसरा सबसे छोटा राज्य है तथा अगरतला को उत्तर पूर्वी भारत की दूसरी सबसे बड़ी राजधानी के रूप में जाना जाता है ।

अगरतला की खूबियों के बारे में बताए तो यहां पाए जाने वाले विभिन्न प्रकार के वनस्पति एवं जीव जंतु यहां के पर्यटन को रोचक बनाते हैं त्रिपुरा की राजधानी अगरतला सांस्कृतिक रूप से काफी समृद्ध शहर है। यह बांग्लादेश के पड़ोस में होने से यह शहर बांग्लादेश से केवल 2 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

त्रिपुरा की राजधानी का इतिहास (Tripura Ki Rajdhani Ka Itihas)

अगरतला के इतिहास के बारे में बताए तो, इसकी स्थापना 1850(अट्ठारह सौ पचास) में महाराज राधा कृष्ण किशोर माणिक्य बहादुर द्वारा की गई थी अगरतला उस समय चर्चा में आया जब माणिक्य वंश ने इसे अपनी राजधानी घोषित की।

19वीं शताब्दी में कुकी के लगातार हमलों से परेशान होकर महाराज कृष्ण माणिक के नए उत्तरी त्रिपुरा के उदयपुर स्थित रंगामाटी से अपनी राजधानी को अगरतला में स्थानांतरित कर दिया, राजधानी बदलने का एक और कारण यह भी था कि महाराज अपने साम्राज्य और पड़ोस में स्थित ब्रिटिश बांग्लादेश के साथ संपर्क बनाना चाहते थे आज त्रिपुरा की राजधानी अगरतला शहर जिस रूप में दिखाई पड़ता है दरअसल इसकी परिकल्पना 1940 मैं महाराज वीर विक्रम किशोर माणिक्य बहादुर ने की थी उन्होंने उस समय बिल्डिंग, सड़क ,नगर निगम की योजना बनाई थी उनके इस योगदान को देखते हुए की अगरतला को वीर विक्रम सिंह माणिक्य बहादुर का शहर भी कहा जाता है।

त्रिपुरा की राजधानी की भौगोलिक स्थिति एवं जलवायु

भौगोलिक स्थिति के बारे में बात की जाए तो अगरतला शहर हावड़ा नदी के किनारे एक मैदान में स्थित है यह शहर अपनी उत्तरी भागो की निचली पहाड़ियों तक भी फैला है अगरतला त्रिपुरा के पश्चिमी भाग में स्थित है और इस शहर से हरोआ नदी गुजरती है कोलकाता शहर से अगरतला की दूरी 1,680 किलोमीटर एवं असम के गुवाहाटी शहर से अगरतला की दूरी 599 किलोमीटर की है।

जलवायु की बात करें तो पूरे साल अगरतला की जलवायु सामान्य ही बनी रहती है जिससे पर्यटक बिना मौसम की परवाह किए यहां घूमने आ सकते हैं अगरतला घूमने का सबसे अच्छा मौसम सितंबर से मार्च के बीच रहता है जिस दौरान यहां हल्की ठंड रहती है अप्रैल से अक्टूबर तक गर्मी का मौसम बना रहता है जिस दौरान औसत तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहता है। इस शहर में पूरे साल मानसून का प्रभाव रहता है जिससे यहां पूरे साल काफी वर्षा होती रहती है ,ठंड का मौसम यहां नवंबर से मार्च के पहले सप्ताह तक रहता है जिस दौरान औसत तापमान 18 डिग्री सेल्सियस तक हो जाता है।

त्रिपुरा की राजधानी अगरतला के बारे में संक्षिप्त में

Area10492 Km  Square
Big City Of Tripura   Agartala 
Population36,73,917
Languageबंगाली,ककबरक,अंग्रेज़ी
Official Website Of Govt              http://tripura.gov.in/

त्रिपुरा की राजधानी का व्यवसाय

व्यवसायिक दृष्टिकोण से पिछले कुछ सालों में अगरतला शहर चावल तिलहन चाय झूठ इत्यादि के नियमित व्यापार से एक व्यवसायिक गढ़ के रूप में उभरा है अगरतला में कुछ फलते फूलते बाजार हैं जिनमें बड़े पैमाने पर हस्तशिल्प एवं उन से बने वस्त्र तथा उन जैसी ही अन्य सामग्री मिलती है ।

अगरतला में हस्तशिल्प का अच्छा व्यापार है यहां पर हस्तकला, शिल्प और वास्तु ,वस्त्रों ,लकड़ी की नक्काशी, टोकरी बनाने,बेंत दे तथा बांस के कार्यक्षेत्र की अद्भुत परंपरा है बांस और बेंत त्रिपुरा राज्य का सर्वाधिक महत्वपूर्ण हस्तशिल्प है यह हस्तशिल्प पूरे राज्य में फैला हुआ है।अगरतला शहर के अलावा केलासहर, धर्मनगर, खोबाई, सदर आदि में इसकी सघन उपस्थिति है यहां पर चटाईया ,झोले ,फल की टोकरी, फूलदान आदि बनाए जाते हैं ।

राज्य सरकार द्वारा गठित हस्तशिल्प शिक्षण संस्थान ( क्राफ्ट टीचर इंस्टिट्यूट )ने इस क्षेत्र में सराहनीय कार्य किया है

त्रिपुरा की राजधानी में स्थित पर्यटन स्थल

पर्यटन के दृष्टिकोण से अगरतला मनोरंजन के तमाम साधनों में परिपूर्ण है एवं यहां एडवेंचर के ढेरों विकल्प मौजूद है इसके अलावा यहां पाए जाने वाले अलग-अलग प्रकार के जीव –जंतु और पेड़– पौधे अगरतला के पर्यटन को और भी रोचकर बना देते हैं।

उज्जयंत पैलेस

अगरतला का मुख्य स्मारक उज्जयंता पैलेस है जो की वर्ष 1901 में निर्मित किया गया था इस पैलेस में मुगल –यूरोपियों मिश्रित शैली से निर्मित है इसमें कई बगीचे और मानव निर्मित जिले हैं इसका परिसर 800 एकड़ में फैला हुआ है शाम के समय यहां ज्यादातर पर्यटक

आते हैं पैलेस के मैदान में दो मंदिर दिखाई देते हैं जोकि नारंगी रंग के हैं यह मंदिर उमेश्वर मंदिर और जगन्नाथ मंदिर हैं जिसमे कोई भी व्यक्ति दर्शन के लिए जा सकता है।

यहां से 5 किलोमीटर दूर पूर्व दिशा में पुराना अगरतला है जहां 14 मूर्तियों वाला मंदिर स्थित है इस मंदिर में जुलाई के महीने में श्रद्धालु कड़छी पूजा के लिए एकत्रित होते हैं यहां से बस ,ऑटो, रिक्शा या किसी अन्य वाहन से मंदिर तक पहुंचा जाता है।

वेणुवन बिहार

यहां पर वेणुवन बिहार नामक एक बौद्ध मंदिर है जोकि एयरपोर्ट रोड पर लगभग 1 किलोमीटर की दूरी पर उत्तर में स्थित है बौद्ध धर्म में रुचि रखने वालों के साथ-साथ सामान्य पर्यटक भी यहां घूमने आते हैं।

गेंदू मियां मस्जिद

गेंदु मियां मस्जिद जो अनोखे तरीके से क्राकरी के टूटे हुए टुकड़ों से बनी है यह दर्शकों के लिए मनोरम पर्यटन स्थल है।

यहां पर स्थित स्टेट म्यूजियम में एथनोग्राफिककल और आर्कियोलॉजी संबंधी वस्तुएं प्रदर्शित की गई है इसके अलावा पर्यटन कार्यालय के पीछे स्थित ट्राइबल म्यूजियम त्रिपुरा में 19 आदिवासी समूहों की स्मृति के रूप में बनाया गया है।

नीर महल

नीर महल महाराजा बीर बिक्रम किशोर माणिक्य के द्वारा बनवाया गया था यह महल रूद्र सागर झील के बीच में स्थित है इंदु और इस्लामिक वास्तुशिल्प के मिश्रण रूप देखने को मिलता है जिससे इसे काफी प्रसिद्ध थी मिलती है यह महल अगरतला से 53 किलोमीटर दूर स्थित है।

उज्जयंत महल

इस महल को महाराजा राधा किशोर माणिक्य ने बनाया बनवाया था इसका निर्माण कार्य 1901 में पूरा हुआ था ।आज के समय में इसका इस्तेमाल विधानसभा के लिए किया जा रहा है।

जगन्नाथ मंदिर

अगरतला शहर मे सर्वाधिक पूजनीय मंदिरों में से एक जगन्नाथ मंदिर अपनी अनूठी वास्तुशिल्पी शैली के लिए जाना जाता है इस मंदिर की संरचना अष्टभुजी है और मंदिर के पवित्र स्थल के चारों ओर आकर्षक प्रधक्षण पठ है।

लक्ष्मी नारायण मंदिर

अगरतला का एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है इस मंदिर को कृष्णानंद सेवायत ने बनवाया था लक्ष्मी नारायण मंदिर में हिंदू धर्म को मानने वाले नियमित रूप से दर्शन को आते हैं।

महाराजा बीर बिक्रम महाविद्यालय

इस महाविद्यालय को महाराजा वीर विक्रम सिंह ने बनवाया था यह कॉलेज 1947 में बनवाया गया था इस महाविद्यालय को बनवाने के पीछे महाराजा की मंशा स्थानीय युवाओं को व्यवसायिक और गुणवत्ता युक्त शिक्षा उपलब्ध कराना था।

रविंद्र कानन

रबींद्र कानन एक बड़ा सा हरा भरा बगीचा है यहां हर उम्र के लोग आते हैं कुछ तो यहां मौज–मस्ती के लिए आते हैं रविंद्र कानन राजभवन के बगल में स्थित है। इसका इस्तेमाल प्लेग्राउंड के तौर पर भी करते है।

त्रिपुरा की राजधानी में परिवहन एवं यातायत

परिवहन एवं यातायात की दृष्टि से अगरतला मे वायु मार्ग ,सड़क मार्ग, तथा रेल मार्ग से पहुंचा जा सकता है।

वायु मार्ग

वायु मार्ग में शहर से 12 किलोमीटर की दूरी पर सिंगरभील में एयरपोर्ट स्थित है देश के बड़े और मुख्य शहरों जैसे दिल्ली, मुंबई ,बेंगलुरु के लिए गुवाहाटी और कोलकाता से होते हुए उड़ाने भरी जाती हैं एयरपोर्ट से शहर सड़क मार्ग से कुछ मिनटों की दूरी पर पड़ता है इसी प्रकार से शहर से वायु मार्ग तक पहुंचा जाता है।

सड़क मार्ग

सड़क मार्ग में अगरतला देश के अन्य हिस्सों से सड़क से पूरी तरह से जुड़ा हुआ है राष्ट्रीय राजमार्ग (नेशनल हाईवे)44 अगरतला को असम से जोड़ती है नेशनल हाईवे 44 और नेशनल हाईवे 44 ए से अगरतला सिलचर ,गुवाहाटी ,शिलांग जुड़ता है बांग्लादेश के करीब होने के कारण ढाका के लिए भी यहां से बस सुविधा उपलब्ध है।

रेल मार्ग

रेल मार्ग में अगरतला रेलवे स्टेशन शहर से लगभग 5.5 किलोमीटर की दूरी पर पड़ता है ट्रेन से यहां पहुंचने के लिए पहले गुवाहाटी जाना होता है इसके बाद ब्रांड गेज ट्रेन के जरिए लुमडिंग पहुंचकर लुमडिंग से एक्सप्रेस ट्रेन पकड़ कर अगरतला जाया जाता है देश के दूसरे क्षेत्रों से इन्हीं रूटों द्वारा अगरतला पहुंचा जाता है।

अंतिम शब्द

आज हमने इस लेख में आपको बताया कि त्रिपुरा की राजधानी कहां है (Tripura Ki Rajdhani Kaha Hai)और त्रिपुरा की राजधानी में कौन-कौन से पर्यटन स्थल है इसके अलावा त्रिपुरा की राजधानी अगरतला के बारे में हमने आपको विस्तार से बताया है हमने इस लेख में अगरतला राजधानी के बारे में बहुत सी जानकारियां दी है मुझे उम्मीद है,की मेरे द्वारा दी गई जानकारी आपको पसंद आई होगी। इस पोस्ट के संबंध में आपका किसी तरह का कोई सवाल या सुझाव हो तो हमें कमेंट के माध्यम से बता सकते हैं

देंगे


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मेरा नाम Deepak Devadaliya है मुझे शुरुआत से ही इंटरनेट और कंप्यूटर के प्रति रुचि रही है और मैं एक बीएससी कंप्यूटर साइंस से ग्रेजुएट हूं जहां पर इस ब्लॉग के माध्यम से मैं आपके साथ ब्लॉगिंग संबंधी सभी चीजों को साझा करता हूं

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